देवशक्तियों की उपस्थिति में गायत्री साधना होती हैं फलवती: डॉ पण्ड्या
हरिद्वार।अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ.प्रणव पण्ड्या ने कहा कि देवशक्तियों की उपस्थिति में गायत्री साधन अधिक फलदायी होती है।पवित्र और दिव्य ऊर्जा के वातावरण में जब हम गायत्री साधना करते हैं,तो हमारे मन और आत्मा पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।मानस मर्मज्ञ श्रद्धेय डॉ.पण्ड्या नवरात्र साधना की व्याख्यान माला के अंतर्गत देश-विदेश से आये साधकों को तीर्थ की महिमा विषय पर संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य श्रेष्ठ तीर्थों में से एक हैं,जहाँ अनेक ऋषियों ने साधना की और इच्छित फल प्राप्त किया।इससे पूर्व संगीत के भाइयों ने‘अपनी भक्ति का अमृत पिलो दो प्रभु’ भावगीत प्रस्तुत किया। जिससे साधकों ने मनोयोगपूर्वक साधना करने की ओर प्रेरित हुए।समापन से पूर्व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने महाआरती की। इस अवसर पर देश विदेश से आये गायत्री साधक,देसंविवि-शांतिकुंज परिवार के अनेकानेक लोग उपस्थित रहे।