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66लाख की धोखाधड़ी के मामले मंे दो इंस्ट्ीच्यूट संचालक गिरफ्तार
October 5, 2020 • BABLI JHA • crime

फर्जी मान्यता के सहारे छात्रवृत्ति की राशि का किया गबन

हरिद्वार। छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने हेमलता इंस्टीट्यूट और किरण इंस्टीट्यूट टेक्नोलॉजी के संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि संचालक ने समाज कल्याण विभाग से मिली 66.95 लाख रुपये की राशि धोखाधड़ी कर अपने खाते में ले ली। पुलिस ने आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ बहादराबाद और सिडकुल थाने में मुकदमे दर्ज थे। एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी के मुताबिक बीते कुछ साल पहले बहादराबाद क्षेत्र में हेमलता इंस्टीट्यूट नाम से स्टडी सेंटर खोला गया था। जिसे सिंघानिया यूनिवर्सिटी राजस्थान से मान्यता प्राप्त दिखाया गया था। वर्ष 2013-14 में इस स्टडी सेंटर को 50.26 लाख रुपये समाज कल्याण विभाग की ओर से छात्रवृत्ति राशि दी गई। एसआईटी की जांच छात्रों ने बयानों में बताया कि उनके कागजात लेकर प्रवेश कराया गया। भौतिक सत्यापन करने पर यह सेंटर 4 कमरों में चल रहा था। जबकि सिंघानिया यूनिवर्सिटी से जानकारी ली गई तो उन्होंने हेमलता इंस्टीट्यूट की मान्यता होने की बात से इनकार किया। जिस खाते में 50 लाख रुपये दिए गए थे वो खाता अश्वनी टंडन पुत्र प्रकाश नारायण टंडन निवासी आवास विकास गंगनहर रुड़की का था। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी और रविवार को जांच अधिकारी प्रवीण बिष्ट ने अश्वनी टंडन को अनुकंपा अपार्टमेंट सेक्टर पांच राजेंद्र नगर साहिबाबाद गाजियाबाद यूपी से गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा आरोपी अश्वनी किरण इंस्टीट्यूट टेक्नोलॉजी का संचालन भी कर रहा था। इस इंस्टीट्यूट से भी आरोपी 16.69 लाख का गबन करने का आरोप है। इसका चेक भी आरोपी के खाते में आया था। इस कॉलेज की मान्यता मानव भारती विश्वविद्यालय सोलन हिमाचल से दिखाई गई थी, जो फर्जी थी। आरोपी ने अपनी मां के नाम पर हेमलता इंस्टीट्यूट बहादराबाद में खोला था। जिस जगह इंस्टीट्यूट खोला गया था वो जमीन आरोपी की बहन की थी।