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भगवान श्रीचंद्र का अवतरण सनातन धर्म की रक्षा व मानवता के कल्याण के लिए हुआ
August 27, 2020 • BABLI JHA • other

हरिद्वार। साधुबेला पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी गौरीशंकर दास ने कहा कि उदासीनाचार्य जगद्गुरू भगवान श्रीचंद्र का अवतरण वैदिक सनातन धर्म की रक्षा के साथ साथ समस्त मानवता के कल्याण के लिए हुआ। जिन्होंने अपने जीवन साहित्य से समाज को समरसता का संदेश देकर संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शन किया। सभी को उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर मानवता व धर्म की रक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए। भूपतवाला स्थित साधुबेला आश्रम में भगवान श्रीचन्द्र का 526वां प्रकाशोत्सव मनाया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रों द्वारा भगवान श्रीचंद्र का दुग्धाभिषेक किया गया और कोरोना महामारी से मुक्ति व मानव जाति के कल्याण के लिए अरदास व आरती की गयी। श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीचंद्र भगवान के उपदेशों को अपने जीवन में धारण कर आत्मकल्याण का करना चाहिए। क्योंकि भगवान श्रीचंद्र का अवतरण निवृत्ति प्रधान सनातन धर्म के प्रचार एवं पुनुरूद्धार के लिए हुआ। जिन्होंन संपूर्ण विश्व में भ्रमण कर धर्म का प्रचार कर मानवता की अलख जगायी। संत समाज उनके आदर्शो को अपनाकर समाज का मार्गदर्शन कर रहा है। स्वामी बलराम मुनि महाराज ने कहा कि उदासीनाचार्य जगद्गुरू भगवान श्रीचंद्र संत समाज के आदर्श हैं। जिन्होंने उदासीन आश्रमों का शिलान्यास करके सनातन धर्म को गति देने का कार्य किया। इस दौरान गोपाल दत्त पुनेठा, विष्णुदत्त राकेश, जीत भाई व सुशील आदि उपस्थित रहे।