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ब्रह्मलीन महंत जसवेंद्र सिंह को दी संतो ने श्रद्वांजलि
September 2, 2020 • BABLI JHA • other

हरिद्वार। ब्रह्मलीन महंत जसवेंद्र सिंह महाराज एक दिव्य आत्मा थे। उक्त उद्गार श्रीमहंत ज्ञानदेव ंिसंह महाराज ने सतीघाट स्थित तपस्थली गुरू अमरदास गुरूद्वारा तीजी पातशाही में संत महंतों की पुण्यतिथी के अवसर पर व्यक्त किए। कोरोना महामारी के कारण गुरूद्वारे में प्रतिवर्ष होने वाला कार्यक्रम अतिसूक्ष्म रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए सभी श्रद्धालु भक्तों को मास्क व सेनेटाईजर वितरित किए गए। गुरूद्वारे में गुरू अमरदास का ज्योति ज्योत समारोह सादगी से मनाया गया और शब्द कीर्तन व अखण्ड पाठ का आयोजन किया गया। श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि संतों का जीवन सदैव परोपकार को समर्पित होता है। ब्रह्मलीन महंत जसवेंद्र ंिसंह महाराज त्याग और तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। जिन्होंने सदैव समाज का मार्गदर्शन कर ज्ञान की प्रेरणा दी। सभी को संत समाज के प्रेरणा स्रोत ब्रह्मलीन महंत जसवेंद्र सिंह महाराज के दिखाए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र कल्याण में अपना योगदान देना चाहिए। महंत रंजय सिंह महाराज ने कहा कि संत महापुरूषों का जीवन लोककल्याण के लिए समर्पित रहता है। उनके बताए मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। निर्मल अखाड़े के कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है। यह पृथ्वी संतों के जप तप के कारण ही टिकी हुई है। बीवी विनिन्द्र कौर सोढ़ी ने कहा कि महापुरूष केवल शरीर त्यागते हैं। लोक कल्याण के लिए उनकी आत्माएं सदैव व्यवहारिक रूप से उपस्थित रहती हैं। श्रद्धांजलि देने वालों में महंत अमनदीप सिंह, महंत सतनाम सिंह, समाजसेवी अतुल शर्मा, महंत हरभजन सिंह, महंत निर्मल सिंह, संत सुखमन सिंह, संत तलविन्दर सिंह, संत जसकरण सिंह, संत रोहित सिंह, विजय कोचर, रमा कोचर आदि शामिल रहे।