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गंगा को नहर घोषित करना संत समाज को स्वीकार्य नही
July 6, 2020 • BABLI JHA • other

हरिद्वार। आनन्द पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी बालकानन्द गिरी महाराज ने कहा कि गंगा को नहर घोषित किए जाने का निर्णय संत समाज को कतई स्वीकार नहीं है। गंगा की अस्मिता, शुचिता, पवित्रता को बचाए रखने के लिए संत समाज सदैव तत्पर है। हरकी पैड़ी से होकर बहने वाली गंगा जल की धारा को नहर घोषित करने के निर्णय को सरकार को तत्काल वापस लेना चाहिए। निरंजनी अखाड़ा स्थित चरण पादुका मंदिर में मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष तथा निरंजनी अखाड़े सचिव श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज से भेंटवार्ता के दौरान स्वामी बालकानन्द गिरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार भगवान शिव व नारायण की भूमि है। हरिद्वार में विभिन्न धाराओं में बह रहा जल भगवान शिव की जटाओं से निकला गंगा जल है। देश दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु इस पवित्र गंगा जल के दर्शन, आचमन व स्नान के लिए हरिद्वार आते हैं। अनादि काल से ही प्रत्येक कुंभ में अखाड़े हरकी पैड़ी पर ही गंगा स्नान करते आए हैं। ऐसी पवित्र जलधारा को नहर बताना करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान है। इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने जा रहे महाकुंभ में भी समस्त अखाड़े हरकी पैड़ी पर ही शाही स्नान करेंगे। इसलिए सरकार को गंगा को नहर घोषित करने के फैसले को तत्काल बदलना चाहिए। इस अवसर पर निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, महंत डोगर गिरी, महंत रामलखन गिरी, महंत राजगिरी, आचार्य मनीष जोशी, महंत विकास गिरी, महंत नत्थीनंद गिरी आदि मौजूद रहे।