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हमारा मानसिक और बौद्धिक विकास हमारे भोजन सेवन की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष प्रमाण
October 11, 2020 • BABLI JHA • other

पोषण निर्माण हमारे लिए एक सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेष रूप से पोषण माह की निरंतरता में चूंकि पोषण सतत विकास का एक गणक है। पोषण द्वारा  स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए हमे प्रतिज्ञाबद्ध होना होगा। आयुर्वेद सिद्ध और यूनानी स्वदेशी प्रणालियाँ भोजन स्वास्थ्य और पोषण परिणामों में बढ़ रही असमानताएँ और समग्र पोषण पारिस्थितिकी तंत्र में सहायता करती हैं। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार भारत दूध दाल चावल गेहूं गन्ना मूंगफली सब्जियों फलों और कपास का दुनिया के सबसे बड़े खाद्य उत्पादक देशों में से दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। इस स्थिति के बावजूद भारत की 14 फीसदी आबादी कुपोषित है। द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड रिपोर्ट के अनुसार। स्वास्थ्य.पोषण संभावनाओं की दिशा में यथोचित समन्वय स्वास्थ भारत की ओर एक नई उपलब्धि को साकार करने का अवसर  है । प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पोषण माह के दौरान  यथा अन्नम तथा मन्नम की ओर प्रकाश डाला और कहा हमारा मानसिक और बौद्धिक विकास हमारे भोजन सेवन की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष प्रमाण है । पोषण अभियान के तहत कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए आयुष मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के अंतर्गत देश में कुपोषण को नियंत्रित करने के लिए समय पर खरे उतरे और वैज्ञानिक रुप से सिद्ध आयुष आधारित समाधानों पर काम किया जाएगा। कुपोषण असमानताओं से लड़ने के लिए प्रत्येक संबद्ध हितधारक का सामर्थ्य जुटाना पोषण संबंधी कमियों से निपटने और भारत में लगभग १ करोड़ नब्बे लाख कुपोषित लोगों को सुपोषित करने की ओर एक मील का पत्थर साबित होगा । इंडिया वाटर फाउंडेशनए एक गैर.लाभकारी संस्थान है जो अपने स्थापना के बाद से पर्यावरण.संबंधी नेक्सस दृष्टिकोण के माध्यम से संपन्न स्वास्थ्य को मुख्यधारा में लाने के लिए कार्यरत है और हमे गर्व है की हमारे समर्पित प्रयासों और अटूट प्रतिबद्धता से स्वास्थ्य व पोषण मंत्रालयों का समझौता ज्ञापन हुआ । प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार और महिला और बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार को पूर्ववर्ती हफ्तों में श्स्वास्थ्य और पोषण के जनादेश को एकीकृत करने के लिए अंतर.मंत्रालयी अभिसरण की मांग के लिए हमने पत्र व्यव्हार किये । यह ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन इस पत्र व्यवहार के द्वारा फलीभूत होने वाला एक सकारात्मक परिणाम है। एस्पिरेशनल जिलों में ज़मीनी स्तर पे काम करके हमने जो अनुभव व ज्ञान एकत्रित किया यह समझौता ज्ञापन हम उन जानकारियों का निचोड़ मानते हैं । एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में हम अभिभूत होकर देश के लिए अपनी सेवाएं देने को सदा तत्पर हैं । स्वास्थ्य व पोषण के प्रभावी कार्यान्वय के लिए यह समझौता अनिवार्य था व स्वास्थ्य.पोषण से निर्धारित  योजनाओंए कार्यक्रमों का समग्र एकीकरण ही सतत विकास की ओर हमारा सशक्त कदम होगा।