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किसानों की मांगो को लेकर 2अक्टूबर से विजयघाट पर देंगे धरना
September 11, 2020 • BABLI JHA • current

हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अम्बावत ने कहा है कि केन्द्र और राज्यों की भाजपा सरकार किसानों के हितों को खत्म करने पर तुली हुई है। सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर किसान यूनियन अगामी 2 अक्टूबर को दिल्ली स्थित विजय घाट पर प्रदर्शन करेगी और सरकार नही समस्या नही सुनी तो राष्ट्रपति भवन मेे धरना देकर केन्द्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग करेगी। उन्होने कहा कि इस सरकार ने राजनीति का अपराधीकरण तथा व्यापारीकरण करने का कार्य किया है। सरकार से मांग की कि किसानों को समय पर युरिया और बीज उपलब्ध कराने का कार्य करे। शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि केन्द्र एवं राज्य की भाजपा सरकार ने किसानों को खत्म करने का कार्य किया है। पिछले सात महीने से कोरोना काल में सरकार के नुमाइंदो ने गांव की ओर देखा तक नही। हरिद्वार के सांसद डा.निशंक पिछले सात महीनों में आपदा के इस काल में भी लोगो का हाल चाल लेना मुनासिब नही समझा। उन्होने गांवो की हालत को देखने का प्रयास तक नही किया। किसी भी गांव के आदमी का दुख दर्द जानने का प्रयास नही किया। हालत यह है कि रोजगार खत्म हो गये,किसानो का करोड़ो का बकाया गन्ना मिलों पर पड़ा हुआ है और भुगतान कराने के बजाए सरकार योजनाओं के नाम पर किसानों को छलने का कार्य कर रही है। उन्होने कहा कि हरियाणा में गन्ना किसानों का 90हजार करोड़ से ज्यादा का बकाया है,लेकिन सरकार भुगतान नही करा पा रही है। विकास के नाम पर किसानो की जमीन लेने के बावजूद मुआवजा नही दे रही है,जबकि उच्चतम न्यायालय ने पांच साल पहले मुआवजा को लेकर व्यवस्था दी थी। देश में किसानों की समस्याओं,बेरोजगारी पर चर्चा करने के बजाए सरकार सुशांत और रिया जैसे मामले की जांच करा रही है। किसानों की इन्ही समस्याओं को लेकर किसान यूनियन लगातार किसानो के बीच जाकर उन्हे जागरूक करने का कार्य कर रही है। किसान अपनी मांगो को लेकर अगामी 02अक्टूबर को दिल्ली के विजय घाट पर धरना देगी,अगर सरकार ने फिर भी नही किसानों के हितों को लेकर कार्य नही किया तो सभी किसान राष्ट्रपति भवन जाकर केन्द्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग करेंगे। उन्होने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के पहले किसानों के लिए की गई सारी घोषणाएं जुमलेबाजी साबित हुई। वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष विकास सैनी,महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्षा रश्मिी चैधरी,इरफान सैनी,विनोद प्रजापति सहित कई अन्य मौजूद रहे।