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कृषि बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार से की कानून को वापस लेने की मांग
October 14, 2020 • BABLI JHA • current

हरिद्वार। अखिल भारतीय किसान सभा ने ज्वालापुर स्थित मण्डी में प्रदर्शन कर कृषि बिलों को किसान विरोधी करार देते हुए केंद्र सरकार से वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान किसान सभा के संयोजक आरसी धीमान ने कहा कि केंद्र सरकार बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने किसान हितों की अनदेखी कर रही है। राज्य सभा में बहुमत नहीं होने के बावजूद सरकार ने जिस प्रकार बिलों को पास कराया उससे सरकार की मंशा साफ हो गयी है। नए कृषि कानूनों के चलते देश के किसान एवं मजदूरों की हालत और खराब हो जाएगी। पूरे देश में किसान व किसान संगठन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। संयोजक लालदीन ने कहा कि नए कृषि कानून के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर फसल नहीं खरीदे जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। सरकारी खरीद केंद्रों को भी समाप्त किया जा रहा है। आवश्यक वस्तु अधिनियम में स्टाॅक लिमिट समाप्त कर दी गयी है। कानून में विवाद होने की स्थिति में न्यायालय जाने का अधिकार भी समाप्त कर दिया गया है। जोकि संविधान में मिले मौलिक अधिकारों का हनन है। नए कृषि कानूनों से किसानों के साथ आम उपभोक्ता को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि कृषि कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी दी जाए। सरकारी खरीद केंद्र पूर्व की भांति जारी रखा जाए तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम को भी जारी रखते हुए खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर रोक लगायी जाए। प्रदर्शन करने वालों में पीडी बलूनी, एमपी जखमोला, इमरत सिंह, आरपी जखमोला, सुरेंद्र कुमार, राजकुमार, बसीम अहमद, खलील अहमद, विनोद कुमार, सोनू कुमार, कमल, देवेंद्र, रोबिन, अमरीश, गौरव धीमान, कय्यूम खान, सतकुमार, दिलदार अब्बासी, डीपी रतूड़ी, डीएस रावत, मनोज कुमार, प्रमोद कुमार, राज आदि शामिल रहे।